Engine Kya Hai Ye Blog Ke Liye Kyu Jaruri Hai - Help Use India- Blog Se Related Jankari Hindi Me

Latest

Internet se paise kaise kamaye, Help Use India, Blog, Adsence, Seo, Youtube Webdegine, Widget Ki jankari Hindi Me

BANNER 728X90

Saturday, September 16, 2017

Engine Kya Hai Ye Blog Ke Liye Kyu Jaruri Hai

Hello Friends... app log kaise hain aaj mai aapke liye yek or new jankari lekar aaye hai jankari wo hai ki engine kya hain or ye kaise kaam karta hain to chaliye ab ham apne topic par bat karte hain




Google Search Engine Kya Hain

Google search engine yek program hain. or ise app bol sakte ho jo interner ki infinite database se visitor ho jo apne jankari prapt karne ke liye google me search karte hain.(jisko keywords bhi bolte hain).

Google main jo bhi search kiya jata hain us keywords ko google engine show karta hain or dikhane ka kaam karta hain. google search engine ke naam Google, Yahoo, Bing Webmaster etc.




Google search engine internet par jitne bhi blog or website hain unme is sawal ko search karta hain agar appka sawal match hoga to  google search result pahle page par show hoga app koi bhi link par click karke apne jabab pa skate hain

Jo app ka sawal hain usi ko google ki bhasa me ham keyword bhi kahte hain to chaliye appke mann me yek sawal aaya hoga ki waise google search engine matlab Google, Bing, Yahoo Kaam kaise karta hain to chaliye isko bhi ham jan lete hain.


Google Seach Engine Kaam Kiase Karta Hain


पहले से हि आपको बता दिया गया है की जो भी सवाल, text, सब्द अपने browser के search engine search में लिखा जाता है, उनको Keywords बोला जाता है. अगर आप google में “what is search engine in Hindi” लिखते हो तो ये कीवर्ड है. इस keyword को world wide web में ढूंडा जाता है. जब ये keyword कोई website के title या article के content के साथ match होता है और tags के साथ match होता है तो उसको search result में show करता है. ये तो आम आदमी के लिए था, थोडा Technically समझते हैं.

search engine तिन Steps में काम करता है. सबसे पहले crawling, Indexing, Ranking & Retrieval
इन तीनों के बारे में विस्तार में जानते हैं.

Crawling

Crawling मतलब ढूंडना. और अच्छे से समझ लो एक websites के सारे डाटा को अधिग्रहण करना या एक websites की पूरी जानकारी को हासिल करना. इस process में website को scan करना, page का title क्या है, keywords की जानकारी, content में कितने keywords हैं, images और कोन कोन से page में link हैं website के साथ. लेकिन आजकल के Modern crawler में सायद तक एक webpage के पुरे cache को ही copy कर लेते हैं. इसके साथ साथ पेज layout कैसा है, Advertise कहाँ कहाँ है , link कहाँ दिए गए हैं ये भी Store होता है.

search engine वेबसाइट को crawl कैसे करती है ? एक स्वयंम चालित Bot होते हैं जो हर नए और पुरने pages को search करता हैं जिसको Discovery बोला जाता है. bots को spider भी बोलते हैं, जो हर रोज cores pages visit करते है. लेकिन हमारे या आप जैसे नहीं बोहत ही तेजी से read करते हैं.

Google के मुताबिक करीबन 1 second में 100 से 1000 page को visit करता है. जब bots को कोई नया पेज मिलता है तो वो उसे Back-end processing (page title, meta tag, keywords, backlink, images, videos) को के लिए भेज दात है. और फिर check करता है की इस पेज के साथ कोण कोण से पेज और linked हैं.

जब भी कोई नया पेज मिलता है तो फिर वही process repeat होता है. Crawling+backend processing+indexing. इसके बाद होता है page Indexing इसके बिना गूगल कभी भी सही search result दिखाई नहीं दे सकता. लेकिन कुछ ऐसे भी website हैं जिनको आप TOR NETWORK के जरिये Search कर सकते हो.

Indexing

अपने दिमाग पे ज्यादा जोर मत डालो ये indexing को समझना बड़ा आसान है. indexing एक process हैं जहाँ Crawl के दोरान जो भी डाटा मिलता है उन सभी डाटा को database में place करना है. एक example लेलो आपके पास बोहत सारी books हैं. आप उन books के author name, books name, books के हर page को read करना Crawling है लेकिन इन सब details की Listing करना ही Indexing हैं. अब इस बात पे गोर करें Search engine सिर्फ एक website को crawl नहीं करती है बल्कि दुनिया में जितने भी वेबसाइट हैं उनको crawl और indexing करती है.

Google search sammelan के मुताबिक Google spider हर रोज करिअबन 3 trillion pages crawl करती है. इसका मतलब ये है की google के पास world में जितना Information है उन सब का library है.
Google Search Engine data का बोहत बड़ा server है. जहाँ डाटा हजारों लाखों की तादात में जो peta byte Drive हैं वहां Store होता है.

Ranking and Retrieval

search engine का ये वैसे आखिरी स्टेप है, लेकिन ये आखिरी स्टेप ही बोहत ही ज्यादा complex है. क्यूंकि जब आप कुछ google में search करते हो सबसे पहले search का काम ये है की जिस की जानकारी को आप search कर रहे exact वही information आपको मिले. लोगों का search engine पे तभी भरोसा होता है जब वो user relevant content ढूंड निकाल के दिखाती है. इसके लिए google कुछ Algorithm का इस्तेमाल करती है. जो algorithm कुछ parameters के मुताबिक काम करते हैं. जिनमे से कुछ है content age, Content keyword, content पेज title.

page ranking के लिए google के 200 factors है. जिनके जरिये ही ये पता लगाया जाता है की search करने पे पेज GOOGLE HOME के किस position पे search result दिखना चाहिए. rank algorithm को समझ पाना बड़ा मुस्किल है. क्यूंकि 1 billion web pages में से किसको google सर्च करके पहले पेज में show करती है. वैसे तो Ranking factors को hack करने के लिए बोहत सारे Hackers अपना दिमाग लगा रहें है.

पहले ranking का अंदाज़ा कितनी बार post में keyword इस्तेमाल किया गया है और backlink कितनी हैं इन सबसे बड़ी आसानी से site को rank किया जाता था. अब कुछ सालों से google ranking factors को धुंद निकलना बड़ा ही मुस्किल हो गया है. हर साल गूगल अपना algorithm बदल रहा है. क्यूंकि Google उन sites को पहले आने का मोका देता है जो सच में महनत कर रहे हैं. कुछ इस तरह से इन तिन steps में search engine काम करता है.

History of Search Engine in Hindi (Search Engine का इतिहास)

सारे सर्च engine का काम एक ही था इन्टरनेट पे डाटा सर्च करना और display करना. सुरावती दिनों में Search ENGINE कुछ और नहीं बस एक File Transfer Protocol का collection था. जितने भी server एक दुसरे से connect थे उनमे से डाटा ढूंडना था. तब के world wide web internet से जुड़ने का एक मात्र जरिया था. Search engine को इसलिए बनाया गया क्यंकि web server और file को locate करना इतना असान नहीं था.

सबसे पहले वाला सर्च इंजन एक school का project था, जिसको बनाने वाले का नाम है Alan Emtage. जो 1990 में वो McGill University का student था. तो चलिए अब जानते हैं अलग अलग search engine इंजन कब और कैसे बने.

Excite

Excite का जन्म February 1993 हुआ था. Excite भी एक University का project था और उस project का नाम था Architext. इस project में 6 under graduate student थे. Stanford university का ये project 1995 तक आगे चल के Crawling search engine का रूप ले लिया. इसमें काफी growth के कारण इसने Web-crawler और Magellan को भी इसने खरीद लिया. आखिर में इसने MSN और Netscape के साथ partnership कर ली.

Yahoo

इसका नाम तो अभी भी है, थोडा बोहत तो आप जानते ही होंगे इसका जनम 1994 को हुआ था. इसकी सुरुवात Stanford university में हुई थी. 1994 में Jerry Yang और David Fillo ने इसकी सुरुवात की थी. ये दोनों Electrical Engineering के Graduate Student थे. उन्होंने जब एक वेबसाइट बनाई जिसका नाम था “Jerry and David to guide to world wide web”. ये guide एक Directory थी जो दुसरे websites दुसरे websites को organise करके रखता था. 1994 में याहि Guide Yahoo का रूप ले लिया था. yahoo.com domain 18 January 1995 Registered हुआ था.

WebCrawler

ये एक Meta search engine है जिसका जन्म April 20 1994 में हुआ था. Google और yahoo दोनों के top result को ये show करता था. जिसमे आप audio, video, news को बड़ी आसानी से search कर सकते हो. इसको बनाने वाले का नाम है Brian Pinkerton University Of Washington में.

Lycos

इसका भी जन्म 1994 में ही हुआ था. ये search के साथ साथ एक web portal सेवा देता है. Carnegie Mellon University से इसकी सुरुवात हुई. ये email , Web hosting, Social Networking और Entertainment websites की सेवा भी देता था.

Infoseek

Infoseek भी काफी लोकप्रिय Search engine है जिसका जन्म 1994 में ही हुआ था, जिसके Founder थे Steve Kirsch. Infoseek को INFOSEEK corporation operate करता है. इसका Head quarter Sunnyvale, California है. इस company को The Walt Disney Company ने 1998 में खरीद लिया फिर ये बाद में yahoo के साथ जुड़ गई और अभी इसका कोई नाम नहीं है.

AltaVista

इसका जन्म 1995 में हुआ था. पुँराने ज़माने में ये एक जादा इस्तेमाल करने जाने वाली search engine है. 2003 में इसको yahoo ने खरीद लिया. लेकिन Brand और services altavista के ही थे. लेकिन 2013 July में सारे services को yahoo ने बंद कर दिया और ये Yahoo search engine में redirect हो गई.

Inktomi

Inktomi का जन्म 1996 में हुआ था. इनके Founder थे UC Berkeley professor Eric Brewer और एक graduate Student जिनका नाम है Paul Gauthier. सुरुवात में ये भी एक search engine थी जिसको UNIVERSITY में Develop किया गया था.

Ask.com

इसका नाम तो आज भी है ASK.COM पहले Ask Jeeves था. इसका भी जन्म 1996 में हुआ था. ये एक question answer साईट है. जिसका जादा focus E-Business और web search engine पे था. इसके Founder का नाम है Garrett Gruener and David Warthen California से.

Google

वैसे आज के वक्त में Google एक अरबो खरबों की company है, जिसने Oxford Dictionary में अपनि खुद की जगह बना राखी है, जो की एक क्रिया है. लेकिन इसको बनाने में दो PHD Students का हाथ था जिनका नाम है Sergey Brin और Larry Page जो की Stanford University, California के छात्र थे, 1995 में वे वहीँ पे आपस में मिले थे और वही से इस Search engine की सुरुवात हुई.

1996 में Sergey Brin और Larry Page जब PHD पढाई कर रहे थे उन्होंने अपना PHD का re Search project में कुछ अलग करने की सोची और वो सोचे थी “अगर हम Website को Rank करें दुसरे website के साथ तुलना करके, तो काफी अच्छा होगा, उस वक्त उनका रैंक करने का तरीका ये था, जितनी बार Search किया गया सब्द, उस webpage में होगा उस हिसाब से वो rank करगें और यही कल्पना आज Google का रूप है. सुरुवात में उन्होंने इसका नाम BACKRUB दिया था. 1997- में दोनों ने Search engine का नाम “Google” रखा गया.

मेरी अंतिम राय इस लेख पे

वैसे तो मेरी राय यही है की सबसे अच्छा search engine google ही है. अभी Image search, Voice Search, speech, google assistant जैसे बोहत सारे Latest Technology google के technology है. इसके साथ Google के search algorithm हर साल बहतर हो रहे हैं. Search Engine क्या है (What is Search Engine in Hindi) और ये कैसे काम करता है काम करता है इसकी जानकारी तो पूरी हो गई होगी.

उमीद है ये लेख पसंद आया होगा, कैसा लगा आप जरुर निचे comment कर के बताइए. अगर अभी बी कोई सवाल आप पूछना चाहते हो तो निचे Comment Box में जरुर लिखे. और कोई सुझाव देना चाहते हो तो जरुर दीजिये जिस्से हम आपके लिए कुछ नया कर सके. हमारे Blog को अभी तक अगर आप Subscribe नहीं किये हैं तो जरुर Subscribe करें. चलो बनायें Digital India जय हिंद, जय भारत, धन्यबाद.

No comments:

Post a Comment

Mere Blog Par App Blog Se Related Comment Kare !